बिहार में अन्य राज्यों से लघु खनिज लेकर आने वाले वाहनों के लिए इंटर स्टेट ट्रांजिट पास (ISTP) अनिवार्य हो गया है। यह व्यवस्था 10 जून 2026 से लागू है। खान एवं भूतत्व विभाग ने इंटर स्टेट ट्रांजिट पास के लिए पोर्टल भी लांच कर दिया है। इससे बिहार आने वाले वाहनों की डिजिटल निगरानी हो सकेगी।
कोयला, वृहद खनिज एवं फ्लाई ऐश लदे वाहन ट्रांजिट पास से मुक्त रहेंगे। अन्य राज्यों से बालू, पत्थर, स्टोन चिप्स, मोरम, स्टोन डस्ट जैसे लघु खनिज लेकर आने वाले वाहनों के लिए ट्रांजिट पास अनिवार्य होगा।
खान एवं भूतत्व विभाग के विनियामक शुल्क के अनुसार परिवहन चालान में जिस खनिज की मात्रा वजन में होगी। उसके लिए 60 रुपये प्रति मीट्रिक टन की दर से ट्रांजिट शुल्क लिया जाएगा। जिस चालान में खनिज का आयतन अंकित होगा, उस पर 85 रुपये प्रति घनमीटर की दर से शुल्क लगेगा।
खान एवं भूतत्व मंत्री प्रमोद कुमार ने बताया कि बिहार सरकार खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता, तकनीक आधारित निगरानी और राजस्व के लिए लगातार काम कर रही है। इंटर स्टेट ट्रांजिट पास व्यवस्था लागू होने से अन्य राज्यों से आने वाले लघु खनिजों के परिवहन की समुचित निगरानी होगी।
बिहार में तेजी से हो रहे विकास कार्यों के कारण लघु खनिज की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यह जरूरी है कि खनिजों के आयात, परिवहन और उपयोग से संबंधित समुचित और विश्वसनीय आंकड़े राज्य सरकार के पास उपलब्ध रहे।