राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जन्मभूमि बेगूसराय में उनके नाम पर एक विश्वविद्यालय की स्थापना होगी। यह विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा, शोध, साहित्य एवं भारतीय चिंतन का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। यह विश्वविद्यालय आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रकवि दिनकर के विचार और साहित्यिक विरासत से जोड़ने का काम करेगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बेगूसराय से इसकी घोषणा की। वे पूरे राज्य में 551 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) के उद्घाटन पर आयोजित एक समारोह को संबोधित कर रहे थे।
सीएम ने बेगूसराय जिला के लिए कई घोषणाएं की :
-- बेगूसराय में 10 एकड़ जमीन पर भगवान वेंकटेश्वर (तिरुपति) मंदिर की स्थापना होगी। यह मंदिर धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र बनने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति देगा।
-- सिमरिया से भागलपुर तक गंगा नदी के किनारे मरीन ड्राइव बनेगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से पर्यटन, आवागमन और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी। साथ ही गंगा तट का विकास होगा।
-- रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे के निर्माण से बिहार की संपर्क व्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी। इस परियोजना के पूरा होने पर बेगूसराय, मुंगेर सहित इस क्षेत्र के लोग कोलकाता की दूरी लगभग पांच घंटे में तय कर सकेंगे। इससे उद्योग, व्यापार, कृषि, परिवहन एवं निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने समारोह में कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। एक दिन में 551 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) खोले जा रहे हैं। इसमें 4 लाख बच्चे पढ़ेंगे। मॉडल स्कूल बच्चों के बेहतर भविष्य का मजबूत आधार बनेगा। इन विद्यालयों के माध्यम से विद्यार्थियों में ज्ञान, संस्कार, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना का विकास होगा।
शिक्षकों के लिए सरकार ने कई निर्णय लिए हैं। हमलोग चाहते हैं कि शिक्षक अच्छे से बच्चों को पढ़ाएं ताकि उनका भविष्य बेहतर हो। शिक्षकों की स्थानांतरण प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से 29 जुलाई से शुरू हो रही है।
कार्यक्रम को केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह, डिप्टी सीएम विजय चौधरी, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, बेगूसराय जिले के प्रभारी सह सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव एवं गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने भी संबोधित किया।