नई दिल्ली/एजेंसी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने धनतेरस पर प्रमुख जिंस एक्सजेंस एमसीएक्स में सोने की ऑप्शंस ट्रेडिंग का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इससे पीली धातु के कारोबार को संगठित करने में मदद मिलेगी। एमसीएक्स ने कहा कि सोने के विकल्प की सफलता के बाद वह सेबी से अन्य जिंस जैसे कपास, कच्चा पाम तेल, चांदी और तांबा के विकल्प कारोबार की भी अनुमति मांगेगा। फिलहाल एमसीएक्स सोने और अन्य जिंसों में वायदा कारोबार की पेशकश करता है। हालांकि उद्योग लंबे समय से वित्तीय हानि से बचाव के लिए वायदा (हेजिंग) के विकल्प जैसे अन्य उत्पादों की भी मांग कर रहा है। एमसीएक्स देश का प्रमुख जिंस एक्सचेंज है और इसकी बाजार हिस्सेदारी 90 फीसदी से अधिक है। सोना, मूल धातु और ऊर्जा क्षेत्र में एक्सचेंज की बड़ी मौजूदगी है।
जेटली ने कहा कि वायदा का विकल्प मिलने से सभी जोखिमों की हेजिंग हो सकती है। उन्होंने कहा कि भारतीय सोने की काफी खरीदारी करते हैं। यह नया उत्पाद बेहद सफल होगा। वित्त मंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार सोने के कारोबार के संगठित करने पर जोर दे रही है। मुझे भरोसा है जितना आप इसे संगठित करेंगे उतना ही यह ग्राहक, जौहरियों और इसमें कारोबार करनेवाले अन्य लोगों के लिए अच्छा होगा। यह उस कारोबारी माहौल के अनुरूप हो जो हम भविष्य में देखते हैं।
जेटली ने कहा कि सेबी ने करीब 14 साल पहले देश में जिंस एक्सचेंजों को शुरू करने की अनुमति दी थी। उसके बाद से यह ऑप्शंस ट्रेडिंग का पहला प्रॉडक्ट है। आज शुरू किए गए गोल्ड ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट के तहत एक किलोग्राम सोने के कारोबार की अनुमति होगी। एमसीएक्स के अनुसार सोने का विकल्प अनुबंध आज से ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होगा। निवेशक एक किलोग्राम सोने में कारोबार कर सकते हैं। यह अनुबंध नवंबर और जनवरी 2018 में समाप्त होगा।
इस नए उत्पाद के प्रचार-प्रसार के बारे में पूछे जाने पर एमसीएक्स के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी मरगंक परांजपे ने कहा कि यह काफी कम लागत का उत्पाद है, हालांकि शुरआत में हम इस पर दिसंबर तक किसी तरह का लेनदेन शुल्क नहीं लेंगे।