पटना / 21.11.18 । बिहार में मछली आहार की फैक्ट्री में 1 करोड़ तक निवेश करने वालों को 50 लाख एवं 10 लाख तक निवेश करने वालों को 5 लाख रुपये राज्य सरकार अनुदान देगी। डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा कि मछली आहार की बिहार में 10 नई फैक्ट्री लगेगी। बिहिया (आरा) में 300 मीट्रिक टन क्षमता का पशु आहार कारखाना जनवरी, 2019 में शुरू हो जायेगा। महेशखूंट (खगड़िया) में भी 300 मीट्रिक टन पशु आहार उत्पादन क्षमता की फैक्ट्री लग रही है।
बिहार में सूखा चारा की 37 प्रतिशत, हरा चारा की 60 प्रतिशत और काॅन्सेंट्रेट चारा की 42 प्रतिशत कमी है। काॅम्फेड की पटना, मुजफ्फरपुर और रांची में पशु आहार की 460 मीट्रिक टन उत्पादन क्षमता की तीन फैक्ट्री कार्यरत है।
डिप्टी सीएम बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के तत्वावधान में ‘पशु पोषण’ पर आयोजित तीन दिवसीय काॅन्फ्रेंस के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर वीसी डाॅ रामेश्वर सिंह व सचिव एन. विजयालक्ष्मी समेत कई पशु वैज्ञानिक मौजूद थे।
मछली व सब्जी उत्पादन में तीसरा स्थान : फिलहाल देश में बिहार मछली और सब्जी उत्पादन में तीसरा, गेहूं व धान के उत्पादन में छठा और दूध के उत्पादन में 9 वें स्थान पर है। 2005-06 में मछली का उत्पादन जहां 2.80 लाख मीट्रिक टन था, वहीं 2017-18 में बढ़ कर 5.78 लाख मीट्रिक टन हो गया। उन्होंने कहा पशु वैज्ञानिक बिहार की परिस्थियों को ध्यान में रख कर पशुओं के नस्ल सुधार, बेहतर आहार और देखभाल का सुझाव दें।
903 पशु चिकित्सक होंगे नियुक्त : राज्य में 903 पशु चिकित्सकों की नियुक्ति शीघ्र होगी। बीपीएससी ने साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी कर ली है। बिहार देश का पहला राज्य है जहां पशु चिकित्सा की पढ़ाई करने वाले छात्रों को प्रतिमाह 2 हजार रुपये की छात्रवृत्ति मिलती है। डुमरांव (बक्सर) में भारत सरकार की ‘गोकुल ग्राम मिशन’ के तहत 8 करोड़ की लागत से गायों के देशी नस्ल के विकास की योजनाएं कार्यान्वित हो रही हैं। पशुओं के इलाज के लिए चलंत वैन की व्यवस्था की गई है।