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निर्माण सामग्री का परिवहन ढक कर करने का निर्देश  

पटना। डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा है निर्माण सामग्री के परिवहन एवं निर्माण कार्य ढक कर नहीं करने वाले निजी एवं सरकारी ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी। वायु प्रदूषण के मुख्य कारक धूलकण पर रोक के लिए पथ निर्माण विभाग को सड़क किनारे पक्का फ्लैंक बनाने का निर्देश दिया गया है। वह वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए हितधारकों के साथ अरण्य भवन सभागार में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे।   

उन्होंने कहा कि वायु गुणवत्ता का स्तर ठीक रखने के लिए सरकार 15 साल पुराने वाहनों के पटना में परिचालन पर रोक के लिए हाईकोर्ट के पूर्व के निर्णय के खिलाफ डबल बेंच में अपील करेगी। बैटरी चालित वाहनों को प्रोत्साहित किया जायेगा। नई क्लीनर तकनीक में ईंट-भट्ठों को परिवर्तित नहीं करने वालों को नवंबर से संचालन की अनुमति नहीं दी जायेगी।

डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के सर्वाधिक प्रदूषित 20 शहरों में 13 भारत के थे, जिनमें तीन बिहार के पटना, गया और मुजफ्फरपुर हैं। ठंड में आद्रता की वजह से वायुमंडल में पीएम 2.5 धूलकण की मात्रा बढ़ जाती है। इससे वायु प्रदूषण की स्थिति और भी भयावह हो जाती है। वायु के साथ अन्य प्रदूषणों पर नियंत्रण के लिए जागरूकता की जरूरत है।

पटना में चार केंद्रों के अतिरिक्त भागलपुर, दरभंगा और हाजीपुर में वायु गुणवत्ता अनुश्रवण केंद्र स्थापित किये जा रहे हैं। गया में पहले से कार्यरत एक सेंटर के अलावा दूसरा सेंटर भी नवंबर से काम करने लगेगा। 

पटना के तारामंडल के पास एक एयर माॅनिटरिंग सेंटर कार्यरत है। आईजीआईएमएस, इको पार्क, बापू सभागार और एनआईटी,महेंद्रू में चार नये सेंटर अक्तूबर तक काम करने लगेंगे। 1.70 करोड़ की लागत से सेंटर स्थापित करने का टेंडर हो चुका है। 
 


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