बिहार सरकार ने तीन नए विभाग बनाने के निर्देश दिए हैं। ये विभाग 1. युवा, रोजगार एवं कौशल विकास, 2. उच्च शिक्षा 3. नागर विमानन हैं।
राज्य सरकार का मानना है कि इन विभागों के सृजन से राज्य में अधिक से अधिक युवाओं को नौकरी और रोजगार दिलाने में काफी मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हमलोगों ने अगले 5 वर्षों (2025-30) में एक करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार देने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए जरूरी है कि राज्य में ज्यादा से ज्यादा युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण, गुणवत्तापूर्ण उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मिले।
युवा, रोजगार एवं कौशल विभाग के जरिए अगले 5 वर्षों में बड़ी संख्या में युवाओं को उद्यमिता के अवसर प्रदान करने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से रोजगार दिलाने का निर्णय लिया गया है।
राज्य में उच्च शिक्षा विभाग के सृजन का उद्देश्य है कि उच्च शिक्षा में गुणात्मक सुधार हो, अनुसंधान-नवाचार को बढ़ावा मिले, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा का विकास हो। समाज के सभी वर्ग के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण रोजगारपरक शिक्षा मिल सके।

राज्य में नए एयरपोर्ट का निर्माण हो रहा है। भविष्य में उड़ान योजना के तहत कई बड़े-छोटे एयरपोर्ट का निर्माण प्रस्तावित है। राज्य में अलग से नागर विमानन विभाग के सृजन से इसमें तेजी आएगी। औद्योगिक माहौल बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य में निर्मित उत्पादों के निर्यात में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके अतिरिक्त सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम निदेशालय एवं बिहार विपणन प्रोत्साहन निगम सृजित करने का भी निर्णय लिया गया है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम निदेशालय से युवाओं के कौशल विकास के लिए प्रत्येक जिला में मेगा स्किल सेंटर की स्थापना होगी ताकि राज्य के युवाओं को अधिक से अधिक नौकरी और रोजगार मिल सके।
बिहार विपणन प्रोत्साहन निगम (Bihar Marketing Promotion Corporation) के सृजन से राज्य में कृषि, पशुपालन, बागवानी और खाद्य प्रसंस्करण के साथ हस्तशिल्प, ग्रामीण उद्योग, लघु एवं कुटीर उद्योग जैसे उत्पादों की उपलब्धता, गुणवत्ता एवं वितरण व्यवस्था मजबूत होगी। इससे बड़ी संख्या में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।