NEET (National Eligibility cum Entrance Test) प्रश्नपत्र लीक के विरोध में देशव्यापी छात्र प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री को भेज दिया है।
छात्रों को लिखे एक पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं और भावनाओं का गहरा सम्मान करता हूं।
पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुःखी है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। भारत की युवाशक्ति ही देश की असली ताकत है। देश की युवाशक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं देंगे। यही मेरा संकल्प है।
भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में ना उलझे। हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें। इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के बीच बैठक हुई। केंद्र सरकार ने CJP की अन्य तीन मांगों को भी मान लिया। इसके साथ ही CJP ने जारी आंदोलन को वापस लेने की घोषणा की।
CJP की इन मांगों पर बनी सहमति :
-- NEET पेपर लीक के बाद कई छात्रों ने आत्महत्या की। पीड़ित परिवारों को अधिक से अधिक मुआवजा मिलेगा।
-- देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के दौरान एनडीए शासित राज्यों में छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर वापस होगी।
-- केंद्र सरकार CJP के परीक्षा सुधार से जुड़े प्रस्तावों पर विचार करेगी।