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सीएसआर उल्लंघन की कार्रवाई पर विचार करेगी सरकार   

नई दिल्ली/एजेंसी । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उद्योग जगत को भरोसा दिया है कि कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) की शर्तों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर दंड के प्रावधानों पर सरकार फिर से विचार करेगी। उन्होंने कहा हमारा इरादा किसी पर आपराधिक मुकदमा चलाने का नहीं है। 

संसद ने कंपनी एक्ट में एक संशोधन को पिछले हफ्ते मंजूरी दी है। इसके मुताबिक सीएसआर का उल्लंघन करने पर कंपनियों को अपराधी घोषित किया जा सकता है। कंपनी के अधिकारियों को तीन साल जेल हो सकती है। साथ ही 50 हजार रुपये से 25 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। उद्योग जगत ने इसका विरोध करते हुए वापस लेने की मांग की है। 

500 करोड़ रुपये की नेट वैल्यू, 1000 करोड़ रुपये से अधिक टर्नओवर या 5 करोड़ से अधिक नेट प्रॉफिट कमाने वाली कंपनियों को पिछले तीन साल के औसत प्रॉफिट का दो पर्सेंट हर साल सीएसआर एक्टिविटी में लगाना होता है। 

कैफे कॉफी डे के फाउंडर वीजी सिद्धार्थ की आत्महत्या को लेकर टैक्स उत्पीड़न का मुद्दा जोर से उठा था। इसको लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की राष्ट्रीय परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि अगले हफ्ते से वह टैक्स उत्पीड़न से जुड़े मुद्दों को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में उद्योगपतियों से मिलेंगी और तुंरत मौके पर शिकायतों का निवारण करेंगी। 

सीतारमण ने कहा कि अर्थव्यवस्था में कुछ सुस्ती के बावजूद भारत सबसे तेजी से उभरती हई अर्थव्यवस्था बनी हुई है। सरकार और आरबीआई आपस में तालमेल बैठाकर काम कर रहे हैं। यह व्यवस्था निवेश को प्रोत्साहित करने में मदद करेगी। 

उन्होंने कहा कि सरकार कभी नहीं चाहेगी कि उद्योग क्षेत्र के लिए काई कठिनाई हो। इस समय वाहन और बुनियादी क्षेत्र की वृद्धि अर्थव्यवस्था में नरमी की ओर इशारा कर रही है। इसके अलावा एनबीएफसी संकट का सामना कर रहा है। वित्त मंत्री ने संकेत दिया कि इन समस्याओं को सुलझाने के लिए अगले हफ्तों में कदम उठाए जाएंगे। 
 


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