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बिहार को पांचवीं बार मिला कृषि कर्मण पुरस्कार

पटना।  गेहूं उत्पादन में बेहतर प्रदर्शन के लिए बिहार को पांचवीं बार कृषि कर्मण पुरस्कार मिला है। पुरस्कार 2017-18 के लिए है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय पुरस्कार के रूप में बिहार को दो करोड़ राशि, प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो देगा। 2017-18 में राज्य में गेहूं का उत्पादन 61.04 लाख मीट्रिक टन एवं प्रति हेक्टेयर उत्पादन 29.05 क्विंटल था।

गेहूं का उत्कृष्ट उत्पादन करने वाले राज्य के एक पुरुष एवं एक महिला किसान को भी दो-दो लाख रुपये एवं प्रशस्ति-पत्र मिलेगा। सम्मान मिलने की तिथि की घोषणा बाद में की जायेगी।   

बिहार को पहली बार 2011-12 में धान के सर्वश्रेष्ठ उत्पादन के लिए कृषि कर्मण पुरस्कार मिला था। इसी साल किसान सुमंत कुमार ने धान का प्रति हेक्टेयर 224 क्विंटल उत्पादन कर विश्व रिकार्ड बनाया था। 

दूसरी बार राज्य को 2012-13 में गेहूं के सर्वश्रेष्ठ उत्पादन के लिए, तीसरी बार 2015-16 में मक्का उत्पादन के लिए एवं चौथी बार भी 2016-17 में मक्का उत्पादन में उत्कृष्ठ प्रदर्शन के लिए कृषि कर्मण पुरस्कार मिला था। 

कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने पांचवीं बार कृषि कर्मण पुरस्कार मिलने की उपलब्धि पर राज्य के किसान, कृषि वैज्ञानिक, अधिकारी एवं कर्मचारियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा यह उपलब्धि राज्य के अन्नदाता की कड़ी मेहनत, राज्य सरकार की दृढ़ इच्छा शक्ति एवं केंद्र सरकार के  सहयोग का सार्थक परिणाम है। मुझे विश्वास है कि आने वाले समय में बिहार के किसान इस रिकाॅर्ड को भी तोड़ेंगे। किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए सरकार संकल्पित है।


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