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एक लाख की आबादी पर 150 पुलिस बल तैनाती का निर्देश

पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक लाख की आबादी पर कम से कम 150 की संख्या में पुलिस बल तैनाती का निर्देश दिया है। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से कहा कि विधि-व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अपराध नियंत्रण में किसी प्रकार की कोताही न हो। अपराध अनुसंधान कार्य में तेजी लाएं ताकि दोषियों पर शीघ्र कार्रवाई हो सके।

विधि-व्यवस्था एवं मद्य निषेध से संबंधित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कई निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन और पुलिस ने पूरी मुस्तैदी के साथ राज्य में सांप्रदायिक घटनाओं को नियंत्रित रखा है। आगे भी इसी तरह सक्रियता बनाए रखें।

पुलिस बल की ट्रेनिंग पर विशेष ध्यान दें। रात्रि एवं पैदल गश्ती में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। इसको सुदृढ़ करने के लिए वरीय पुलिस पदाधिकारी गश्ती का औचक निरीक्षण करें।

जमीन संबंधित विवाद को खत्म करने के लिए महीने में एक बार डीएम एवं एसपी, 15 दिनों में एसडीओ और एसडीपीओ तथा सप्ताह में एक दिन अंचल अधिकारी एवं थानाध्यक्ष नियमित रूप से बैठक कर समस्याओं का निपटारा करें। गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक तथा मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव भी सप्ताह में एक दिन आपस में बैठक करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी पटना में शराबबंदी के क्रियान्वयन पर विशेष नजर रखें। कोई कितना भी बड़ा आदमी हो, किसी भी पार्टी, किसी परिवार का हो शराब पीते पकड़े जाने पर उन्हें छोड़े नहीं। कानून की नजर में सभी बराबर हैं। राज्य में शराबबंदी के बाद दूध, सब्जी एवं फल की खपत बढ़ी है। समाज सुधार अभियान को लेकर लोगों को जागरूक करते रहें। नीरा उपयोगी है। इसके उत्पादन को बढ़ाने के लिए तेजी से काम करें।

डीजीपी एसके सिंघल, एडीजी जेएस गंगवार एवं जीतेंद्र कुमार ने मुख्यमंत्री को अपराध नियंत्रण को लेकर किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने भी विभाग की उपलब्धियों का ब्योरा दिया। उन्होंने बताया कि नीरा उत्पादन तेजी से बढ़ते हुए 62.8 लाख लीटर हो गया है। इसमें जीविका का बहुत बड़ा योगदान है।

बैठक में मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद, सचिव जीतेंद्र श्रीवास्तव एवं विशेष सचिव विकास वैभव, एडीजी जीतेंद्र कुमार एवं संजय सिंह, मद्य निषेध एवं उत्पाद आयुक्त बी. कार्तिकेय धनजी एवं मद्य निषेध आईजी अमृत राज मौजूद रहे।

 

 


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