लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण में बिहार में 50.56 प्रतिशत वोटिंग हुई। इस चरण में बिहार के आठ संसदीय क्षेत्र पटना साहिब, पाटलिपुत्र, नालंदा, आरा, बक्सर, जहानाबाद, सासाराम और काराकाट सीटों के लिए मतदान हुआ।
साथ ही अगिआंव विधानसभा क्षेत्र का उपचुनाव भी हुआ।
2019 लोकसभा चुनाव की तुलना में इस बार मतदान 0.68 प्रतिशत कम हुआ है। पिछली बार इन सीटों पर 51.24 प्रतिशत वोट पड़े थे। हालांकि इस बार पाटलिपुत्र और काराकाट सीटों पर 2019 से मतदान प्रतिशत बढ़ा है।
पटना जिला प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद पटना साहिब में मतदान प्रतिशत बेहतर नहीं हो सका।
बिहार के सभी चरणों के मतदान में दूसरे चरण (26 अप्रैल) का मतदान प्रतिशत सबसे अच्छा 59.45 प्रतिशत रहा।
बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) एचआर श्रीनिवास ने बताया कि सातवें (आखिरी) चरण में सर्वाधिक मतदान पाटलिपुत्र में हुआ। यहां 56.91 प्रतिशत वोट पड़े।
नालंदा में 46.50 प्रतिशत, आरा में 48.50, बक्सर में 53.70, जहानाबाद में 51.20, सासाराम में 51, काराकाट में 53.44 और पटना साहिब में सबसे कम 45 प्रतिशत वोट पड़े। अगिआंव विधानसभा क्षेत्र में 46 प्रतिशत वोटिंग हुई।
विकास के मुद्दों को लेकर नालंदा, पाटलिपुत्र और जहानाबाद के चार मतदान केंद्रों पर लोगों ने मतदान का बहिष्कार किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में एडीजीपी जेएस गंगवार, अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी आलोक रंजन घोष और आनंद शर्मा भी मौजूद रहेे।