बिहार के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयत्नशील है। सभी क्षेत्र और सभी वर्गों के विकास के लिए योजनाबद्ध ढंग से काम हो रहा है। लोगों के उत्थान के लिए योजनाएं बनी हैं और उन पर तत्परता से काम करने की जरूरत है। हम सभी चाहते हैं कि बिहार देश के पांच अग्रणी राज्यों में शामिल हो।
विकास योजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने विचारों को रखा। उन्होंने अधिकारियों को तेजी से काम पूरा करने का निर्देश दिया।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2024 के दिसंबर एवं 2025 के जनवरी-फरवरी माह में प्रगति यात्रा के दौरान मैंने सभी जिलों में जाकर विकास कार्यों को देखा था। यात्रा के दौरान लोगों के फीडबैक और जमीनी स्तर पर जो कमी दिखी, उसे पूरा करने के लिए 430 योजनाएं स्वीकृत की गईं। इनपर 50 हजार करोड़ राशि खर्च होगी।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि 430 योजनाएं 22 विभागों से संबंधित हैं। 428 योजनाओं की स्वीकृति मिल गई है। शेष 2 योजनाएं जल संसाधन विभाग से संबंधित हैं, जो तकनीकी रूप से अनुपयुक्त है। 21 योजनाओं का काम पूरा हो गया है। बाकी पर काम तेजी से हो रहा है।
बैठक में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, विकास आयुक्त एवं संबंधित विभागों के प्रमुख मौजूद रहे।