वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बिहार विधानमंडल में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। बजट का आकार 3,47,589.76 करोड़ रुपये है। यह पिछले वर्ष से 30,694.74 करोड़ रुपये अधिक है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बिहार की विकास दर 14.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटा सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 2.99 प्रतिशत रहने का अनुमान है। जीएसडीपी 13,09,155 करोड़ रुपये है।
बजट भाषण में वित्तमंत्री ने कहा कि योजना मद में बजट की सर्वाधिक 18.21 प्रतिशत राशि ग्रामीण विकास पर खर्च होगी। शिक्षा पर 15.02 प्रतिशत, स्वास्थ्य पर 8.21 प्रतिशत, नगर विकास एवं आवास पर 7.77 प्रतिशत, ग्रामीण कार्य पर 7.29, समाज कल्याण पर 6.86, कृषि पर 2.07 प्रतिशत एवं उद्योग के विकास पर 2.62 प्रतिशत राशि खर्च होने का अनुमान है।

बिहार बजट पर अपनी प्रतिक्रिया में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि यह विकसित बिहार का संकल्प पूरा करनेवाला बजट है। न्याय के साथ विकास के सिद्धांत पर आधारित इस बजट में किसान, उद्यमी, युवा एवं महिलाओं सहित समाज के सभी वर्गों का ख्याल रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के अपने राजकोषीय संसाधनों के समुचित प्रबंधन से बिहार का विकास तीव्र गति से होगा। बिहार के विकास में केंद्र सरकार का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। अगले कुछ वर्षों में बिहार देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल होगा।