16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ अरविंद पनगढ़िया के समक्ष मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार की जरूरतों पर वित्त आयोग को गंभीरता से विचार करना चाहिए। आयोग को सौंपे गए मेमोरेंडम में सारी जरूरतों की चर्चा है। बिहार को आपसे काफी उम्मीद है।
डॉ अरविंद पनगढ़िया राजगीर स्थित नालंदा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति भी हैं। इसीलिए वे बिहार की सामाजिक एवं आर्थिक पृष्ठभूमि से परिचित हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आयोग सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार करेगा।
डॉ अरविंद पनगढ़िया तीन दिवसीय दौरे पर बिहार आए हैं। उनके साथ 16वें वित्त आयोग के सदस्य अजय नारायण झा, एनी जॉर्ज मैथ्यू, डॉ मनोज पांडा, डॉ शौम्य कांति घोष एवं ऋत्विक रंजन पांडे भी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 में राज्य का बजट 30 हजार करोड़ रुपए का था। यह बढ़कर अब 3 लाख 17 हजार करोड़ रुपए का हो गया है। बिहार के विकास में केंद्र सरकार का भी पूरा सहयोग मिल रहा है।