पटना स्थित ऐतिहासिक गोलघर का जायजा लेने के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसके रखरखाव एवं परिसर के सौंदर्यीकरण का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि गोलघर वास्तु कला का अदभुत नमूना है। इसके स्ट्रक्चर का विशेष रूप से ख्याल रखें।
मुख्यमंत्री ने लाइट एंड साउंड और लेजर शो के नियमित संचालन का भी निर्देश दिया। इससे लोगों को गोलघर के इतिहास की जनकारी मिलेगी।

गोलघर का इतिहास : ब्रिटिश इंजीनियर जॉन गार्स्टिन ने अनाज भंडारण के लिए गोलघर का निर्माण कराया था। 20 जनवरी 1784 से शुरू हुआ निर्माण कार्य 20 जुलाई 1786 को पूरा हुआ। खास बात यह है कि इसमें कोई पिलर नहीं है।
1770 में भयंकर सूखा पड़ा था। ब्रिटिश सैनिकों के लिए अनाज की पर्याप्त व्यवस्था रहे। इसके लिए तत्कालीन गवर्नर जनरल वारेन हेस्टिंग के निर्देश पर गोलघर निर्माण की योजना बनी।