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बिहार का मशरूम उत्पादन में 12 प्रतिशत योगदान

देश के मशरूम उत्पादन में बिहार का योगदान लगभग 12 प्रतिशत है। पटना, नालंदा, गया, मुजफ्फरपुर, वैशाली एवं बेतिया जिले मशरूम उत्पादन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं। इन जिलों से मशरूम स्थानीय बाजार के साथ पश्चिम बंगाल, झारखंड, उत्तर प्रदेश और नेपाल भेजे जा रहे हैं। इससे किसानों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिल रहा है।

वित्तीय वर्ष 2022-23 में बिहार में मशरूम उत्पादन 35 हजार मीट्रिक टन था। 2023-24 में यह बढ़कर 42 हजार मीट्रिक टन हो गया। वर्ष 2024-25 में उत्पादन बढ़ते हुए लगभग 44 हजार 930 मीट्रिक टन पहुंच गया।

कृषि मंत्री राम कृपाल यादव का कहना है कि राज्य में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से मशरूम उत्पादन में अच्छी उपलब्धि हासिल हुई है। मशरूम उत्पादन बिहार की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था में कम लागत, अधिक आय और रोजगार सृजन की क्षमता वाले विकल्प के रूप में सामने आया है।

मशरूम उत्पादन से ग्रामीण परिवार को कई स्तरों पर लाभ मिल रहा है। कम जगह में घरेलू उद्यम के रूप में लोग इसे अपना रहें हैं। धान एवं गेहूं के भूसे के उपयोग से लागत में कमी आ रही है। मुख्य खेती के साथ अतिरिक्त आय के रूप में मशरूम उत्पादन उपयोगी है। साथ ही पैकिंग, भंडारण, परिवहन एवं प्रसंस्करण के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार का सृजन हो रहा है।

कृषि मंत्री ने बताया कि मशरूम उत्पादन को और प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत वातानुकूलित आधारभूत संरचना की स्थापना हो रही है। राज्य योजना मद से मशरूम किट का वितरण एवं झोपड़ी आधारित मशरूम इकाइयों का निर्माण किया जा रहा है। 
 


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