बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिजली टैरिफ की घोषणा कर दी है। टैरिफ में कोई वृद्धि नहीं की गई है। आयोग ने नॉर्थ और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों की प्रति यूनिट टैरिफ वृद्धि दर के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।
आयोग के निर्णय पर बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स और बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (बीआईए) ने मिश्रित प्रतिक्रिया दी है।
बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स ने आयोग के निर्णय का स्वागत किया है। अध्यक्ष पीके अग्रवाल ने कहा कि उपभोक्ताओं के हित में कई निर्णय लिए गए हैं। यह सराहनीय है।
एचटी ऑक्सीजन निर्माण 11केवी और 33केवी श्रेणी को एचटी औद्योगिक-1 के साथ विलय कर दिया गया है। इस निर्णय से ऑक्सीजन निर्माताओं का बिजली खर्च काफी बढ़ जाएगा। आयोग को ऑक्सीजन निर्माताओं के हित को ध्यान में रखते हुए इस पर पुनर्विचार करना चाहिए।
बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन का कहना है कि उद्योग जगत को इस वर्ष दरों में कमी की उम्मीद थी। तीन साल पहले यूनिट और केवीए चार्ज में भारी वृद्धि हुई थी। इसका बोझ आज भी उपभोक्ताओं को वहन करना पड़ रहा है।
एसोसिएशन के एनर्जी समिति के चेयरमैन संजय भरतिया ने केवीए चार्ज को एक बार फिर से यथावत रखे जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस बार हमें उम्मीद थी कि औद्योगिक उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए केवीए चार्ज में तार्किक कमी होगी, लेकिन ऐसा नहीं होने से उद्योग जगत में निराशा है।
अध्यक्ष रामलाल खेतान ने आशा व्यक्त की है कि राज्य सरकार उद्योगों पर पड़ रहे वित्तीय बोझ को कम करने के लिए ठोस कदम उठाएगी।