राज्यपाल सह कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने कृषि अनुसंधान, जलवायु परिवर्तन और तकनीक पर विशेष जोर दिया है। बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU) सबौर (भागलपुर) के 9वें दीक्षांत समारोह में उन्होंने कहा कि कृषि केवल देश ही नहीं बल्कि हर व्यक्ति के जीवन से जुड़ा विषय है।
राज्यपाल ने चीन के विकास मॉडल और देंग शियाओपिंग के चार आधुनिकीकरण कृषि, उद्योग, रक्षा और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत को भी इस पर ध्यान देना होगा।
वर्क इज वर्शिप को आदर्श मंत्र बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि कृषि क्षेत्र से जुड़े छात्र और वैज्ञानिक देश की खाद्य सुरक्षा के संरक्षक हैं। यही मजबूती भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में सहायक होगी।

कुलाधिपति (चांसलर) ने बिहार कृषि विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने दीक्षांत समारोह की गुणवत्ता, अनुशासन एवं प्रस्तुति को भारतीय सेना के अनुरूप बताया विश्वविद्यालय परिसर की स्वच्छता एवं हरियाली की भी प्रशंसा की।
राज्यपाल ने आश्वस्त किया कि मखाना उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना में बीएयू को आवश्यक सहयोग मिलेगा। इस केंद्र की स्थापना समय के अनुकूल है।
दीक्षांत समारोह में 443 छात्र-छात्राओं को स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पीएचडी की उपाधियां दी गईं। 6 को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। राज्यपाल ने परिसर में रुद्राक्ष का पौधा लगाया और स्विमिंग पूल का उद्घाटन किया।
समारोह में कृषि वैज्ञानिक, सांसद अजय मंडल, राज्यपाल के प्रधान सचिव गोपाल मीणा, बीएयू के वीसी डीआर सिंह, कुलसचिव मिजानुल हक, पूर्णिया विश्वविद्यालय के वीसी डॉ विवेकानंद सिंह भी मौजूद रहे।