मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट कहा है कि निवेशकों को सुरक्षा और सुविधा देना डीएम और एसपी की जिम्मेवारी है। राज्य सरकार ने 20 नवंबर 2026 तक 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा है। किसी निवेशक को सुरक्षा और सुविधा की गारंटी मिल जाने पर वह मन से उद्योग लगाएगा और उसका विस्तार करेगा।
सीएम अधिवेशन भवन में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी, सभी डीएम और एसपी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार कानून और योजनाएं बनाती है। इन्हें जमीन पर उतारने का काम जिला और पुलिस प्रशासन का है।
कार्यशाला में सीएम ने कई निर्देश दिए :
-- डीएम, एसपी अपने कार्यालय में सुबह 10 से 1 बजे तक लोगों से मिलें और उनकी समस्याओं का समाधान करें।
-- क्राइम, करप्शन और कम्युनिलिज्म से समझौता नहीं। विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
-- महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा में किसी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए। पुलिस दीदी के कॉन्सेप्ट का बेहतर ढंग से क्रियान्वयन हो।

-- सड़क दुर्घटनाओं पर रोक के लिए व्यवस्थित ढंग से काम होना चाहिए।
-- जिलों में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाने पर तेजी से काम करें।
-- काम को लटकाने की प्रवृत्ति नहीं रखें। अधिकारी और पुलिस जनता के सहयोगी की भूमिका में रहें।
-- शराबबंदी के सफल क्रियान्वयन को लेकर बेहतर ढंग से कार्य करें। शराब और मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल पुलिस और प्रशासन के लोगों पर सख्त कार्रवाई करें।
-- मुख्यमंत्री कार्यालय से प्रतिदिन ब्लॉक, अंचल एवं थानों की मॉनिटरिंग होगी। सीसीटीवी अवश्य लगाएं। इससे अवांछित लोगों पर नजर रहेगी।
-- पंचायत स्तर पर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को सहयोग शिविर लगेगा। लोगों की समस्याओं का समाधान 30 दिनों में होगा।
सीएम सम्राट चौधरी ने अधिकारियों से कहा कि बिहार की जनता की सेवा हमारा सर्वाेच्च दायित्व है। हमें उम्मीद हैं कि सभी अधिकारी संवेदनशीलता, तत्परता और पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ जनसेवा करेंगे।