राज्य के निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कई निर्णय लिए हैं। अब निजी स्कूलों को सभी तरह के शुल्क का विवरण सार्वजनिक करना होगा। पुनः नामांकन शुल्क एवं अन्य प्रतिबंधित शुल्क नहीं लेना है।
अभिभावक अपनी सुविधानुसार किसी भी विक्रेता से पोषाक, किताब-कॉपी एवं अन्य सामान खरीद सकते हैं। निर्धारित दुकान से ब्रांडेड सामान खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकते हैं। शुल्क बकाया रहने पर छात्र-छात्राओं को कक्षा, परीक्षा एवं परिणाम से वंचित नहीं किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
निर्देशों का उल्लंघन करने पर स्कूल संचालकों पर कड़ी कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था से राज्य में शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी, न्यायसंगत और सुलभ होगी।