बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर परिसर में धान की रोपाई को समझाने के लिए करके सीखो कार्यक्रम हुआ। इसमें विश्वविद्यालय के कुलपति, कृषि वैज्ञानिक और छात्र शामिल हुए। खेत में जाकर सभी ने धान की रोपनी की। इस दौरान कुलपति (वीसी) डॉ. डी.आर. सिंह ने छात्रों से धान की खेती से जुड़े कई सवाल पूछे।
धान की रोपाई कितनी दूरी पर करनी चाहिए। एक जगह कितना बिचड़ा डालना चाहिए। रोपाई के लिए कितने दिनों का बिचड़ा होना चाहिए। छात्रों ने संतोषजनक जवाब दिए।
कुलपति ने छात्रों से कहा कि कृषि शिक्षा का तात्पर्य सिर्फ डिग्री प्राप्त करना नहीं है। खेती से जुड़े सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक ज्ञान को भी हासिल करना जरूरी है। करके सीखो यह कार्यक्रम धान की रोपनी को समझने में मददगार होगा।
लाखों किसान परिवार की आजीविका धान की खेती पर निर्भर करती है। धान की अच्छी पैदावार के लिए सही समय, सही दूरी और पौध (बिचड़ा) की सही उम्र का ध्यान रखना जरूरी होता है।
वीसी डॉ डी.आर.सिंह ने छात्रों की उच्च शिक्षा के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि हर फसल की खेती पर इस तरह के कार्यक्रम होने चाहिए। धान की रोपाई कार्यक्रम में डॉ फिजा अहमद, डॉ संजय कुमार, डॉ राजेश कुमार, डॉ शंभु प्रसाद, कई शिक्षक एवं वैज्ञानिक मौजूद रहे।