80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहारवासियों से कहा कि हम सब मिलकर एक नया संकल्प लें। हम ऐसा बिहार बनाएं जो न केवल अपने गौरवशाली इतिहास पर गर्व करे बल्कि अपने परिश्रम और भविष्य की संभावनाओं से पूरे देश को नई दिशा दे।
पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में ध्वजारोहण के बाद मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को संबोधित किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 14 करोड़ बिहारवासियों की ऊर्जा, किसान एवं उद्यमियों की मेहनत, माता-बहनों के संकल्प से बिहार समृद्ध प्रदेश बनेगा।
सीएम ने देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले सभी स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता केवल हमारा अधिकार नहीं है बल्कि जिम्मेदारी भी है। आज का बिहार सेवा, संकल्प और समर्पण की भावना के साथ बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जब मुझे बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में जनता की सेवा करने का अवसर मिला, तब मैंने संकल्प लिया था कि राज्य के हर नागरिक को एक समान अवसर मिले। प्रशासन पारदर्शी हो और हर व्यक्ति को सम्मान के साथ जीने का अवसर मिले। इसी सोच के साथ राज्य में सहयोग शिविर की शुरुआत हुई है। इस शिविर के माध्यम से जनता अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रख सकते हैं।
सीएम सम्राट ने कहा कि 2026-27 के लिए 3 लाख 47 हजार 590 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट पेश हुआ है। यह बजट राज्य के विकास का रोड मैप है। बजट में कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना, रोजगार, तकनीक और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के जून माह तक के राजस्व संग्रह में बिहार ने 16.75 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। यह आंकड़ा जीएसटी प्रणाली में बिहार के लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन को दर्शाता है। बिहार सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में औद्योगिक विकास के लिए कई नीतिगत सुधार किए हैं।

बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025 में संशोधन और विस्तार किया गया है। बिहार सेमीकंडक्टर पॉलिसी 2026 शुरू हुई है। इसका लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक बिहार सेमीकंडक्टर निर्माण का प्रमुख केंद्र बने।
प्रत्येक जिला में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के उद्देश्य से 14600 एकड़ नई औद्योगिक भूमि के अधिग्रहण को स्वीकृति मिली है। 5 लाख करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट बिहार की धरती पर लाना है। राज्य का युवा रोजगार पाने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बने।
मुख्यमंत्री ने राज्य से बाहर रहने वालों से कहा कि बिहार आपकी जन्मभूमि है। आप कर्मभूमि से जन्मभूमि लौटें और बिहार की समृद्धि में अपना योगदान दें।