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बिहार के विकास में होगा खनिज रॉयल्टी का उपयोग 

बिहार के खनिजों से मिलने वाली रॉयल्टी का उपयोग राज्य के विकास में होगा। खनिज संपदा का किसी भी स्तर पर दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने होटल मौर्य में कोयला एवं खान मंत्रालय के एक कार्यक्रम के दौरान ये बातें कहीं। 

मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में प्राकृतिक संसाधनों की कमी नहीं है। रोहतास में लाइम स्टोन, जहानाबाद, जमुई में मैग्नेटाइट, औरंगाबाद, गया, बांका और भागलपुर में बड़े मिनरल बेल्ट हैं। इन सभी का सदुपयोग करना है। इनसे 6 से 7 हजार करोड़ रुपये तक राजस्व मिलने का अनुमान है।

बिहार में कई खनिज ब्लॉकों का टेंडर हुआ है। 44 माइनिंग ब्लॉक में 28 में सर्वे का काम हो रहा है। 30 सितंबर के पहले 30 से अधिक ब्लॉक आवंटित कर दिये जायेंगे। 15 अक्टूबर से बिहार में खनन कार्य शुरू होगा। राज्य में खनिज केंद्र स्थापित करने के साथ नवंबर तक 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश लक्ष्य को हासिल करने का प्रयास होगा। 

सीएम ने कहा कि राज्य में उद्योगों की स्थापना के लिए निवेशकों को कई रियायतें दी जा रही हैं। हमारा सभी से आग्रह है कि आप बिहार में निवेश करें। बिहार को आगे बढ़ाने में मदद करें। आप यहां सुरक्षित हैं। बिहार सरकार हर तरह से आपका सहयोग करेगी। 

कार्यक्रम को केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे एवं मंत्रालय में संयुक्त सचिव कदम संदीप वी ने भी संबोधित किया।
 


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