पर्यावरणविद पद्म भूषण डाॅ अनिल प्रकाश जोशी के नेतृत्व में एक टीम बिहार पहुंची। ‘प्रकृति ही प्रभु है‘ का संदेश लेकर जनकपुर धाम (नेपाल) से देहरादून तक टीम ने साइकिल यात्रा निकाली है। इस दौरान डाॅ अनिल जोशी ने पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की। डाॅ जोशी ने कहा कि बिहार पर्यावरण के क्षेत्र में देश में अनोखे ढंग से काम कर रहा है। यह आनेवाले वाली पीढ़ी के लिए काफी उपयोगी होगा।
मुख्यमंत्री ने डाॅ अनिल जोशी, पंकज मालवीय समेत पूरी टीम को अपनी शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, नदियों के पुनर्जीवन और पर्यावरण जागरूकता को लेकर जन-जन तक संदेश पहुंचाने के लिए आप लोग साइकिल यात्रा कर रहे हैं। यह प्रशंसनीय है।

सीएम ने बताया कि बिहार-झारखंड बंटवारे के बाद बिहार का हरित आवरण क्षेत्र 6 प्रतिशत रह गया था। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी के नेतृत्व में बिहार का हरित आवरण क्षेत्र बढ़कर 15 प्रतिशत हो गया है।
पहले बिहार की सिंचित जमीन 21 लाख हेक्टेयर थी। यह बढ़कर 44 लाख हेक्टेयर हो गयी है। इस साल राज्य में 32 प्रतिशत कम बारिश हुई, लेकिन नेपाल से आनेवाले पानी के कारण बिहार में बाढ़ की स्थिति बनी। गंडक, कोसी और गंगा के पानी को व्यवस्थित करने के लिए हमलोग स्थायी योजना पर काम कर रहे हैैं।
मुख्यमंत्री ने टीम को बताया कि बिहार में पर्यावरण के साथ संतुलन रखते हुए विकास का काम हो रहा है। पौधारोपण, ग्रीन एनर्जी सहित अन्य पर्यावरणीय कार्यों को लेकर यहां के लोग जागरूक हैं। बिहार डेवलपमेंट डायलाॅग सीरिज पर हमलोग काम कर रहे हैं। पर्यावरण एवं बिहार के विकास को लेकर आपके सभी सुझावों पर राज्य सरकार गंभीरता से विचार करेगी।