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रेलवे के खाने में काॅकरोच: कैग

  नई दिल्ली/एजेंसी  ।  नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि रेलवे स्टेशनों व टेªनों में परोसा जाने वाला खाना यात्रियों के खाने योग्य नहीं है। संसद में पेश की गई रिपोर्ट में कहा गया कि रेलवे के खानों में कीड़े, काॅकरोच व कीलें निकलीं। रेलवे के अफसरों के साथ जांच में पाया गया कि खाना बनाने में सफाई का ध्यान नहीं रखा जाता। इससे अधिक गंभीर बात यह है कि रेलवे ही यात्रियों को घटिया,बासी व कम मात्रा में खाना देने के लिए मजबूर करती है। कैग ने कहा कि रेलवे खानपान की गुणवत्ता की जांच और नियंत्रण करने में विफल रहा। कोच में मेन्यू नहीं लगाया जाता और तय मूल्य से अधिक पैसे लिए जाते हैं। रेलवे ने स्वीकार किया है कि कुछ ठेकेदारों की वजह से यात्रियों को अच्छा खाना नहीं मिल पाता है। कैग ने सिफारिश की है कि आईआरटीसी को खानपान सेवा देने के नियम को सरल बनाया जाना चाहिए। 
चादर और कंबल की सफाई मानक के अनुरूप नहीं: कैग ने चादर व कंबल की सफाई पर रेलवे को फटकार लगाई है। रेलवे बोर्ड को निर्देश है कि हर दो माह पर कंबल व हर इस्तेमाल के बाद चादर तथा तौलिए की धुलाई जरूरी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि रेलवे के कई जोन इस काम में लापरवाही बरतते हैंै।लांड्री की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। सबसे बुरी स्थिति कंबल-तकिए की सफाई की है। 
फसल बीमा योजना की जानकारी नहीं: कैग के अनुसार देश के 67 फीसदी किसानों को फसल बीमा योजना की जानकारी नहीं है। लगभग छह हजार किसानों के सर्वेक्षण के आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई। यह बताता है कि योजना का प्रचार अपर्याप्त और अप्रभावी था। रिपोर्ट में कहा गया कि सरकार को विश्वसनीय तंत्र विकसित करने की जरूरत है ।
 


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