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चार साल बाद बिहार में फिर एनडीए सरकार 

पटना । चार साल के बाद बिहार में फिर से एनडीए की सरकार बन गयी है। राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने नीतीश कुमार और भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी को राजभवन में 27 जुलाई को शपथ दिलाई। नीतीश कुमार ने छठी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। साथ ही 28 जुलाई को विधान सभा के विशेष सत्र में नीतीश कुमार ने 108 के मुकाबले 131 मतों से विश्वास मत भी हासिल कर लिया। चार सदस्यों ने वोटिंग नहीं की। 
हाल में राज्य में तेजी से बदले राजनीतिक घटना क्रम के बीच नीतीश कुमार ने 26 जुलाई की शाम राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इस्तीफे के ढाई घंटे के बाद ही एनडीए ने नीतीश कुमार को समर्थन देने की घोषणा कर राज्यपाल को समर्थन पत्र सौंप दिया। इस तरह राज्य में 20 माह से अधिक चली महागठबंधन सरकार बिखर गयी। इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि राजद के रवैये से सरकार चलाना मुश्किल था। महागठबंधन में जदयू, राजद और कांग्रेस पार्टी शामिल थी। लालू प्रसाद के रेल मंत्री रहते रेलवे के होटल के लीज में अनियमितता और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव पर बेनामी संपत्ति हासिल करने का आरोप था। इसी मामले में सीबीआई की छापेमारी के बाद तेजस्वी यादव के इस्तीफे नहीं देने की वजह से राजनीतिक हालात तेजी से बदल रहे थे। विधान सभा में राजद के 80, जदयू के 71, भाजपा के 53, कांग्रेस के 27, लोजपा व रालोसपा के दो-दो, भाकपा माले के 3, हम के 1 और निर्दलीय चार सदस्य हैं।   
 


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