पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि यदि पर्यावरण संतुलन की दिशा में ठोस काम नहीं हुए तो जीवन मुश्किल में पड़ जाएगा। पृथ्वी की रक्षा सिर्फ अपनी रक्षा ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी की भी रक्षा है। सभी सरकारी संस्थानों के खाली परिसर में बड़े पैमाने पर पौधे लगाए जाएंगे। हमारा लक्ष्य बिहार के हरियाली क्षेत्र को 17 फीसदी करना है। पर्यावरण की समस्या के प्रति हर एक को गंभीर होना होगा। मुख्यमंत्री नौ अगस्त को ज्ञान भवन में बिहार पृथ्वी दिवस 2017 पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के प्रति लोगों में जागृति पैदा करने के लिए ही पृथ्वी दिवस और वृक्ष रक्षा दिवस मनाया जाता है। मुख्यमंत्री समेत सभी मंत्री व अधिकारियों ने पर्यावरण की रक्षा का संकल्प लिया। उन्होंने गंगा नदी के गाद की चर्चा पर कहा कि इस समस्या का हल गाद को हटा कर नहीं किया जा सकता है। जल का प्रवाह इतना होना चाहिए कि गाद बहता हुआ समुद्र में चला जाए। डैम और बराज बना देने से जल का प्रवाह रुक जाता है। उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने घोषणा की कि अगले साल से बिहार के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में पृथ्वी दिवस का आयोजन होगा ताकि पर्यावरण सुरक्षा को लेकर बच्चों में जागरूकता आए।