पटना। पटसन (जूट) बिहार के महत्वपूर्ण नकदी फसलों में से एक है। विभिन्न उद्योगों में पटसन के उपयोग के कारण सरकार इसकी खेती के लिए किसानों को सहायता देगी। पटसन पर्यावरण के अनुकूल भी है। कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि पटसन उत्पादन में बिहार का देश में दूसरा स्थान है। इसकी खेती पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, अररिया, मधेपुरा, सुपौल एवं सहरसा जिलों में होती है। फसल वर्ष 2017 में राज्य में 1.37 लाख हेक्टेयर में पाट की खेती का लक्ष्य था, लेकिन 1.16 लाख हेक्टेयर में खेती हुई है। कमी की वजह किसानों का मक्का की खेती की ओर रुझान और अनियमित वर्षा है। 2017-18 में केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन पाट फसल के लिए 115.40 लाख रुपये स्वीकृति किया है।