हैदराबाद/एजेंसी। जीएसटी काउंसिल की 21वीं बैठक में रोजमर्रा इस्तेमाल की 40 चीजों पर टैक्स कम करने का फैसला किया गया है। इसके अलावा छोटी कारों पर जीएसटी में कोई बदलाव नहीं है। इस फैसले से आम लोगों को बड़ी राहत मिलने की बात कही जा रही है। रबड़ बैंड, झाड़ू, सूखी इमली, रेनकोट, कस्टर्ड पाउडर और अगरबत्ती समेत 40 दैनिक उपभोग की चीजों पर जीएसटी कम हुआ है। इसके अलावा जीएसटी काउंसिल ने छोटी कार खरीदने वालों को भी राहत दी है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि छोटी कारों के सेस में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा, जबकि पहले माना जा रहा था इन कारों पर लगने वाले सेस में इजाफा हो सकता है।
जेटली ने कहा कि पेट्रोल और डीजल से चलने वाली छोटी कारें जीएसटी लागू होने के बाद तीन फीसदी सस्ती हुई हैं और इन्हें लेकर अभी कोई बदलाव नहीं होगा। हालांकि जीएसटी काउंसिल ने तय किया है कि मिड साइज कारों के सेस में 2 पर्सेंट का इजाफा होगा। वहीं बड़ी कारों पर सेस 5 पर्सेंट बढ़ाया गया है। इसके अलावा एसयूवी पर 7 पर्सेंट सेस बढ़ाया गया है, जबकि 13 सीटर व्हेकिल पर टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि काउंसिल के सामने इसे लागू करने को लेकर सबसे ज्यादा दिक्कत थी। जुलाई में 95 हजार करोड़ का जीएसटी कलेक्शन हुआ है। उन्होंने कहा कि कुछ मौकों पर जीएसटी नेटवर्क में दिक्कतें आईं हैं, जिन्हें ठीक करने के लिए काम किया जा रहा है।
10 अक्टूबर तक फाइल करें जुलाई की जीएसटीआर 1: बिहार का प्रतिनिधित्व कर रहे उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बताया कि जुलाई की पहली विवरणी दाखिल करने की तिथि 10 सितंबर थी। तकनीकी परेशानी की वजह से इसे एक महीने बढ़ा कर 10 अक्तूबर कर दिया गया है। अब तक मात्र 20 लाख व्यापारी ही विवरणी दाखिल कर पाए हैं। अबतक बिहार में 2.47 लाख व्यापारी जीएसटी में रजिस्टर्ड हुए हैं। काउंसिल की बैठक में छोटे व्यापारी, निर्माता और रेस्टोरेंट संचालकों को राहत दी गई है। इनके लिए कंपोजिशन स्कीम में शामिल होने की अंतिम तिथि बढ़ा कर 30 सितंबर कर दी गई है। अब तक कंपोजिशन स्कीम में बिहार में 36,470 व्यापारी शामिल हुए हैं। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि नये व्यापारियों के साथ जीएसटी में पूर्व में निबंधन करा चुके व्यापारी भी बढ़ी हुई तिथि तक इस स्कीम में शामिल हो सकते हैं।