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नीलगाय से फसलों की रक्षा करेगा बायोएकाॅस्टिक यंत्र

पटना। नीलगाय व अन्य जंगली जानवरों से फसलों की रक्षा करने वाले यंत्र (बायोएकाॅस्टिक) की खरीद पर सरकार अनुदान देगी। यंत्र से दो से ढाई हेक्टेयर फसल की सुरक्षा की जा सकती है। बायोएकाॅस्टिक यंत्र को कृषि यांत्रिकरण योजना में शामिल किया गया है। इनमें एक सोलर पैनल के साथ है और दूसरा बिना सोलर पैनल के। कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने बताया कि वित्त वर्ष 2017-18 में कृषि यांत्रिकरण योजनांतर्गत 71 कृषि यंत्रों पर 180 करोड़ अनुदान का प्रावधान है। 
सोलर पैनल युक्त बायोएकाॅस्टिक उपकरण में अनुदान की राशि सामान्य जाति के किसानों के लिए मूल्य का 50 प्रतिशत एवं अधिकतम 20,000 रुपये है। जबकि एससी-एसटी किसानों के लिए मूल्य का 50 प्रतिशत एवं अधिकतम 25,000 रुपये है। इसी तरह बिना सोलर पैनल वाले उपकरण में अनुदान की राशि सामान्य जाति के किसानों के लिए मूल्य का 50 प्रतिशत व अधिकतम 15,000 रुपये तथा एससी-एसटी किसानों के लिए यंत्र के मूल्य का 50 प्रतिशत एवं अधिकतम 19,000 रुपये है। 
कैसे काम करता है संयंत्र : भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर) के विशेषज्ञों ने बायोएकाॅस्टिक यंत्र बनाया है। बैटरी से संचालित यह यंत्र जानवरों को डराने के लिए तेंदुए, बाघ और कुत्ते आदि जानवरों की रिकॉर्डेड आवाज निकालता है। सौर ऊर्जा पैनल से चार्ज होने वाली बैटरी से चलने वाला यह यंत्र एक तरह से लाउड स्पीकर की तरह है। जरूरत के अनुसार इस यंत्र में समय भी निर्धारित किया जा सकता है। उत्तराखंड, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु व केरल में इस यंत्र का परीक्षण कारगर रहा है।
 


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