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पान उत्पादकों को मिलेगा क्षति मुआवजा

 पटना । किसानों को शीतलहर से पान की फसल को हुई क्षति के लिए मुआवजा मिलेगा। कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने कहा कि सूबे में दिसंबर, 2017 से जनवरी, 2018 तक शीतलहर से 1345.89 एकड़ में पान की फसल के नुकसान की जानकारी मिली है। संबंधित जिलों के उद्यान सहायक निदेशक को क्षति का आकलन कर जिला पदाधिकारी के माध्यम से आपदा प्रबंधन विभाग को रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। 

पान की खेती नगदी फसल के रूप में बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में होती है। बिहार की जलवायु अधिक गर्म एवं ठंड होने के कारण इसकी खेती खुले खेत की जगह कृत्रिम मंडप में होती है। इसे वरेजा या वरेठ कहते हैं। बिहार के 17 जिलों नालंदा, भागलपुर, बेगूसराय, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, औरंगाबाद, नवादा, खगड़िया, दरभंगा, सीवान, गया, सारण, मधुबनी, समस्तीपुर, वैशाली एवं शेखपुरा में होती है।


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