नई दिल्ली/पटना । पत्रकारिता के भीष्म पितामह कुलदीप नैयर के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी समेत कई नेताओं ने दुःख व्यक्त किया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुलदीप नैयर एक बौद्धिक दिग्गज थे। आपातकाल के खिलाफ एक मजबूत पक्ष, जन सेवा और बेहतर भारत के लिए उनकी प्रतिबद्धता हमेशा याद की जाएगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शोक संदेश में कहा है कि कुलदीप नैयर जिंदगी के आखिरी समय तक लेखनी और पत्रकारिता से जुड़े रहे। 1997 में बेहतर लेखनी के लिए उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया। आपातकाल के दौरान सरकार के खिलाफ लेख लिखने के कारण उन्हें जेल भी जाना पड़ा। उनके निधन से अपूरणीय क्षति हुई है।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि कुलदीप नैयर पत्रकारिता में निडरता, तटस्थता और निष्पक्षता के एक उदाहरण थे। उनके निधन से पत्रकारिता जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने शोक संदेश में कहा कि सात दशकों से भारतीय पत्रकारिता में दखल रखने वाले नैयर का निधन एक अपूरणीय क्षति है। उर्दू लेखन से पत्रकारिता की शुरूआत करने वाले नैयर की अंग्रेजी में लिखित ‘द जजमेंट’ और ‘बिटवीन द लाइंस’ चर्चित किताबों में से एक है। स्टेट्समैन और इंडियन एक्सप्रेस में उन्होंने लंबे समय तक काम किया।