पटना। कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने कहा कि राज्य में कृषि शिक्षा को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता है। बिहार में आईएससी स्तर पर कृषि की पढ़ाई 2015 से शुरू हुई है। आईएससी (कृषि) से उत्तीर्ण छात्रों के लिए स्नातक (कृषि) में नामांकन में 50 प्रतिशत सीट सुरक्षित है। कृषि शिक्षा को बढ़ावा देने में बिहार देश का पहला राज्य है, जहां स्नातक स्तर पर छात्रों को छात्रवृत्ति मिलती है।
राज्य में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में रोजगार की बड़ी संभावनाएं हैं। कृषि में स्नातक, पीजी एवं डाॅक्टरेट डिग्री प्राप्त छात्रों के लिए सरकारी, गैर सरकारी, वित्तीय संस्थान एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं। डाॅ कलाम कृषि महाविद्यालय, किशनगंज में कृषि के साथ बागवानी, रेशम उत्पादन, पशु एवं मत्स्य संसाधन की पढ़ाई शुरू की गई है।