नई दिल्ली/एजेंसी/06.06.19। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष नंद कुमार साई ने कहा है कि सरकार को संस्कृत को आधिकारिक भाषा बनानी चाहिए। कई भारतीय भाषाएं इसी से निकली हैं। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारतीय राज्य भले ही हिन्दी पर आपत्ति जताते हैं, लेकिन वे संस्कृत पर आपत्ति नहीं जताएंगे।
अच्छी बात है कि आप अंग्रेजी सीखना चाहते हैं, लेकिन आपको अपनी भाषा संस्कृत भी सीखनी चाहिए। इसका सम्मान भी करना चाहिए । संस्कृत संपूर्ण भाषा है जबकि अंग्रेजी में तर्कों का अभाव है। आयोग प्रमुख ने दावा किया कि संस्कृत भाषा तमिल, कन्नड़, तेलुगू और मलयालम यहां तक कि हिन्दी के भी करीब है।