नई दिल्ली/07.08.19। पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज पंचतत्व में विलीन हो गईं। लोधी रोड स्थित शवदाह गृह में बेटी बांसुरी स्वराज ने उनका अंतिम संस्कार किया। आखिरी विदाई के मौके पर पति स्वराज कौशल,उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, केंद्रीय मंत्री, कई देशों के प्रतिनिधि, सोनिया व राहुल गांधी , कई राज्यों के मुख्यमंत्री एवं बड़ी हस्तियां मौजूद थीं। इससे पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आवास पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

प्रखर वक्ता सुषमा स्वराज का निधन 6 अगस्त की रात दिल का दौरा पड़ने से हो गया था। दिल्ली एवं हरियाणा सरकार ने दो दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। 67 वर्षीया सुषमा 1998 में दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं। वह हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री, वाजपेयी सरकार में सूचना एवं प्रसारण और मोदी सरकार में विदेश मंत्री थीं।
विदेश मंत्री रहने के दौरान सुषमा स्वराज ने विश्व के हर कोने में भारत वासियों की मदद की। खासकर ट्विटर पर उनकी मदद की चर्चा खूब हुई। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल मंगलवार को लोकसभा से पास होने के बाद उन्होंने आखिरी ट्वीट किया था। ट्वीट में उन्होंने कहा था- प्रधानमंत्री जी, आपका अभिनंदन। मैं अपने जीवन में इस दिन को देखने की प्रतीक्षा कर रही थी।