पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि अरुण जेटली जी की बिहार में प्रतिमा लगेगी। उनके जन्मदिवस को हर वर्ष राजकीय समारोह के रूप में मनाया जाएगा। सीएम एसके मेमोरियल हॉल में आयोजित पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की श्रद्धांजलि सभा को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1998 में अटल जी की सरकार में मुझे काम करने का मौका मिला। उस समय से अरुण जेटली जी से हमारा विशेष लगाव रहा। 2005 के विधानसभा चुनाव में उनकी भूमिका को भुलाया नहीं जा सकता है। वे एक-एक चीज पर चर्चा करते थे। हम सभी को बिहार की सेवा करने का मौका मिला है। इसके लिए हम उन्हें जीवन भर नहीं भूल सकते हैं।
अरुण जेटली विपरीत परिस्थितियों में भी विचलित नहीं होते थे। वे बिहार के रहनेवाले नहीं थे, लेकिन उनका बिहार से विशेष लगाव था। उनके स्वभाव और काम करने की शक्ति को सभी याद रखें। उस रास्ते पर चलें , यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

डिप्टी सीएम : डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिहार में गठबंधन की सरकार बनवाने और चलवाने में उनकी महत्वपूर्ण भमिका थी। जिस तरह से सरदार पटेल ने देशी रियासतों का विलय करा कर राष्ट्र का एकीकरण किया, वैसे ही जीएसटी लागू कर अरुण जेटली ने आर्थिक एकीकरण किया।
उन्होंने कहा कि श्री जेटली एक बेहतरीन चुनाव प्रबंधक एवं कुशल रणनीतिकार थे। प्रखर वक्ता और कठिन समय में पार्टी के संकट मोचक थे। प्रख्यात वकील होने के साथ क्रिकेट में भी उन्हें महारथ हासिल थी। दिल्ली के सबसे बड़े आयकरदाता जेटली खाने के शौकीन थे। व्यक्तिगत संबंधों को निभाने वाले जेटली के पास नौकरशाह, राजनेता, उद्योगपति एवं पत्रकार की काफी जानकारी रहती थी।
श्रद्धांजलि सभा को विधानसभा अध्यक्ष, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री, राज्य सरकार के ऊर्जा मंत्री, कृषि मंत्री, पथ निर्माण मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, जल संसाधन मंत्री, सांसद पशुपति कुमार पारस, डॉ सीपी ठाकुर, गोपाल नारायण सिंह एवं आरसीपी सिंह ने भी संबोधित किया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान समेत कई सांसद एवं विधायक मौजूद थे।