नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने ई-सिगरेट पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। युवा पीढ़ी में इसके बढ़ते प्रचलन को देखते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट के उत्पादन, आयात, निर्यात, परिवहन, विक्रय, वितरण, भंडारण और विज्ञापन निषेध अध्यादेश 2019 को अपनी मंजूरी दे दी।
ई-सिगरेट बैटरी से चलने वाला उपकरण है। इसमें निकोटिन एवं अन्य हानिकारक केमिकल लिक्विड फाॅर्म में रहते हैं। इस्तेमाल के दौरान निकोटिन युक्त लिक्विड वाष्प (एयरोसोल) में बदल जाता है। यह भी आम सिगरेट की तरह ही नुकसानदायक है। ई-सिगरेट उत्पाद आकर्षक डिजाइन और सुगंध से युक्त होते हैं। कुछ वर्षों में इसका इस्तेमाल काफी बढ़ा है। विकसित देशों में खासकर युवाओं और बच्चों में इसने महामारी का रूप ले लिया है।

अध्यादेश की घोषणा के बाद ई-सिगरेट का उपयोग अपराध माना जायेगा। पहली बार अपराध के मामले में एक साल कैद या एक लाख रुपये तक जुर्माना या दोनों सजा का प्रावधान है। दूसरी बार अपराध के लिए तीन वर्ष तक कैद और पांच लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। भंडारण करने वालों को भी छह माह तक कैद या 50 हजार रुपये तक जुर्माना या दोनों दंड दिए जा सकते हैं।