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बीएसएनएल रिवाइवल के लिए बनी योजना

नई दिल्ली/23.10.19। केंद्र सरकार ने बीएसएनएल और एमटीएनएल के रिवाइवल के लिए तत्काल15000 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। दोनों कंपनियों के मर्जर और कर्मचारियों के लिए वीआरएस स्कीम पर भी सहमति बन गई। 

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक के बाद केंद्रीय दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया कि बीएसएनएल और एमटीएनएल को बंद नहीं किया जा रहा है। सरकार इसे प्रतिस्पर्धा में लाना चाहती है। इसके लिए 15000 करोड़ रुपये का सॉवरेन बांड बनेगा। कंपनी को 4 जी स्पेक्ट्रम दिया जायेगा। अगले चार साल में 38000 करोड़ रुपये की संपत्ति का मौद्रिकरण होगा।

रिवाइवल पैकेज में दोनों कंपनियों की तत्काल पूंजी जरूरत को पूरा करने के लिए 15,000 करोड़ रुपये के सरकारी बांड, 4 जी स्पेक्ट्रम के लिए 20,140 करोड़ रुपये, कर्मचारियों के वीआरएस के लिए 29,937 करोड़ रुपये और स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए जीएसटी के तौर पर 3,674 करोड़ रुपये की राशि शामिल है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वीआरएस पैकेज भी आकर्षक होगा। बीएसएनएल-एमटीएनएल कंपनियों का ऑपरेशनल खर्च काफी अधिक है। अन्य टेलीकॉम कंपनियों का खर्च जहां मानव संसाधन पर केवल पांच प्रतिशत है, वहीं इन दोनों कंपनियों का 70 प्रतिशत है। दोनों कंपनियों के मर्जर में कुछ वक्त लगेगा। तब तक एमटीएनएल बीएसएनएल की सब्सिडियरी के रूप में काम करेगी। दो साल बाद बीएसएनएल को मुनाफे में लाया जा सकेगा। 


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