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बिहार कराधान समाधान विधेयक की सराहना

पटना। बिहार चैंबर ऑफ काॅमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने बिहार कराधान समाधान विधेयक 2019 के लागू होने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। व्यवसायियों के वाणिज्य-कर विभाग में कई मामले लंबित चल रहे थे, जिनका समाधान अब आसानी से हो जायेगा । 

चैंबर अध्यक्ष पीके अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार का यह स्वागत योग्य कदम है। जीएसटी लागू होने के पहले व्यवसायियों के इंट्री टैक्स, सेल्स टैक्स, वैट, सेंट्रल टैक्स, लग्जरी टैक्स, मनोरंजन कर, विज्ञापन कर एवं इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी के कई मामले लंबित थे।  

अध्यक्ष ने कहा कि राज्य में जीएसटी निबंधन से छूट की वर्तमान सीमा जो सालाना 20 लाख थी उसे बढ़ाकर 40 लाख किए जाने से राज्य के छोटे व्यवसायियों को काफी राहत मिलेगी। वे स्वतंत्र होकर अपनी व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। बिहार माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक 2019 के लागू होने से जीएसटी काउंसिल की अनुशंसाओं के कार्यान्वयन का रास्ता साफ हो गया है । 
 


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