पटना/नई दिल्ली। ट्रेड यूनियनों की आठ जनवरी (बुधवार) को होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दौरान बैंक सेवा प्रभावित हो सकती है। देश के दस केंद्रीय मजदूर यूनियनों ने आठ जनवरी को हड़ताल का आह्वान किया है। अधिकतर बैंकों ने हड़ताल और सेवाओं पर पड़ने वाली असर के बारे में शेयर बाजार को सूचित कर दिया है। हालांकि, निजी क्षेत्र के बैंकों में सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना कम है।
बैंक कर्मचारियों के अधिकतर यूनियनों ने भी हड़ताल में भाग लेने और उसके समर्थन की अपनी इच्छा जाहिर कर दी है। बैंक कर्मचारियों के अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (एआईबीईए), अखिल भारतीय बैंक अधिकारी संघ (एआईबीओए), भारतीय बैंक कर्मचारी महासंघ और बैंक कर्मचारी सेना महासंघ समेत विभिन्न यूनियनों ने हड़ताल के समर्थन का फैसला किया है।

बैंकों में राशि जमा, निकासी, चेक क्लियरिंग और विभिन्न वित्तीय साधनों को जारी करने का काम हड़ताल की वजह से प्रभावित हो सकता है। कर्मचारी संघों ने एक संयुक्त वक्तव्य में कहा है कि श्रम मंत्रालय कर्मचारियों की किसी भी मांग को लेकर आश्वासन नहीं दे सका। मंत्रालय ने दो जनवरी 2020 को कर्मचारी संघों के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई थी। सरकार की नीति से लगता है कि सरकार का श्रमिकों के प्रति रवैया ठीक नहीं है।