नई दिल्ली/पटना। प्रख्यात अभिनेता ऋषि कपूर के असामयिक निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बहुआयामी, प्रिय और जिंदादिल ... यह ऋषि कपूर जी थे। वह टैलेंट का पावरहाउस थे। मैं उनके साथ हुई बातचीत को सदैव याद रखूंगा, यहां तक कि सोशल मीडिया पर हुई बातचीत को भी। वे फिल्मों और भारत की प्रगति को लेकर काफी आशावादी थे। मैं उनके निधन से व्यथित हूं। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना। ओम शांति।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने शोक संदेश में कहा कि उनके निधन से हिंदी सिनेमा जगत को अपूर्णीय क्षति हुई है। वे लंबे समय तक फिल्म प्रेमियों के दिलों पर छाये रहे। ऋषि कपूर बहुमुखी प्रतिभा के धनी व्यक्ति थे। वे अभिनेता के साथ निर्माता एवं निर्देशक भी थे।
फिल्म मेरा नाम जोकर में बेहतरीन बाल अभिनय के लिए उन्हें 1971 में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। मुख्यमंत्री ने आत्मा की शांति एवं दुख की इस घड़ी में उनके परिजन एवं प्रशंसकों को धैर्य धारण करने की शक्ति देने की ईश्वर से प्रार्थना की है।
67 वर्षीय ऋषि कपूर बोन मैरो कैंसर से पीड़ित थे। सांस की तकलीफ के बाद उन्हें मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने आज अंतिम सांस ली। वे अपने पीछे पत्नी नीतू सिंह, पुत्र रणबीर कपूर एवं पुत्री रिद्धिमा कपूर को छोड़ गये हैं। ऋषि कपूर महान निर्देशक एवं अभिनेता राज कपूर के पुत्र एवं पृथ्वीराज कपूर के पोते थे।