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लीची खाने से बच्चों में चमकी बुखार का खतरा नहीं

पटना। कृषि विभाग का कहना है कि लीची खाने से चमकी बुखार (एईएस) का कोई खतरा नहीं है। पहले यह अफवाह थी कि लीची खाने से बच्चों में चमकी बुखार हो रहा है। यह पूरी तरह असत्य है। पिछले साल वैज्ञानिक एवं विशेषज्ञों से इसकी जांच करायी गयी, जिसमें यह बात गलत साबित हुई थी।

भारतीय आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में लीची के औषधीय गुणों का उल्लेख है। भारत में पिछले 400 वर्षों से लीची खायी जा रही है। लीची में बायोएक्टिव यौगिक, विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट, पाॅलीफेनोल्स, डाइएट्री फाइबर, विटामिन बी काॅम्पलेक्स एवं खनिज तत्व प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं। 

कृषि विभाग ने राज्य के लीची उत्पादक, विक्रेता एवं उपभोक्ताओं से अनुरोध किया है कि लीची खाने से किसी बीमारी के होने की अफवाह में नहीं आयें। लीची स्वादिष्ट, स्वास्थ्यवर्धक और सुरक्षित फल है।
 


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