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औद्योगिक इकाई ने बिजली कंपनियों को कोर्ट में घसीटा

कोलकाता/एजेंसी। पश्चिम बंगाल में औद्योगिक उपभोक्ताओं के एक वर्ग ने बिजली कंपनियों के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने लॉकडाउन के दौरान निर्धारित शुल्क में राहत समेत अन्य मांगों को खारिज किये जाने के कारण यह कदम उठाया है। 

औद्योगिक उपभोक्ताओं ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल विद्युत नियामक आयोग ने उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने हाल ही में उपभोक्ताओं के साथ बातचीत के दौरान उद्योगों का समर्थन किया है। केंद्र ने पहले ही राज्य की स्वामित्व वाली बिजली वितरण कंपनियों को राहत पहुंचाने के लिये 90,000 करोड़ रुपये उपलब्ध कराये हैं। 

स्टील री रोलिंग मिल्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष विवेक अदुकिया ने कहा कि महाराष्ट्र, पंजाब, गुजरात और उत्तर प्रदेश की सरकारों ने अपने औद्योगिक उपभोक्ताओं को कुछ लाभ दिये हैं। इन राज्यों ने बिजली के बिल में लोड फैक्टर पर छूट की घोषणा की है। 

अदुकिया ने बताया कि हमने दामोदर घाटी निगम के खिलाफ अदालत में अपील की है। लॉकडाउन के दौरान चार पांच सप्ताह तक मिल बंद रही है। लोहा एवं इस्पात क्षेत्र को बिजली बिल के रूप में भारी राशि का भुगतान करना पड़ता है। अतः यह क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में से एक है। 
 


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