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सूक्ष्म-लघु उद्यमों के लिए निवेश सीमा बढ़ाने की मांग 

पटना। बिहार चैंबर ऑफ काॅमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के लिए परिभाषित नये मानदंड में सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिए निवेश एवं टर्नओवर सीमा बढ़ाने की मांग की है। 

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय की गजट अधिसूचना में मध्यम उद्यमों के निवेश एवं टर्नओवर की वर्तमान सीमा 20 करोड़ एवं 100 करोड़ से बढ़ाकर 50 करोड़ एवं 250 करोड़ की गई है। अधिसूचना में सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों की सीमा नहीं बढ़ायी गयी है। 

चैंबर ने सूक्ष्म (माइक्रो) उद्यम के निवेश एवं टर्नओवर की वर्तमान सीमा बढ़ाकर क्रमशः 2 करोड़ एवं 12 करोड़ एवं लघु (स्माॅल) उद्यमों के लिए निवेश एवं टर्नओवर की सीमा क्रमशः 50 करोड़ एवं 125 करोड़ करने का प्रस्ताव दिया है। 

चैंबर अध्यक्ष पीके अग्रवाल ने केंद्रीय वित्त मंत्री एवं केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री से आग्रह किया है कि मध्यम उद्यमों की तरह उसी अनुपात में सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के निवेश एवं टर्नओवर सीमा भी बढ़ानी चाहिए। उन्होंने कहा कि एमएसएमई भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इसका देश की जीडीपी में लगभग 29 प्रतिशत योगदान है। साथ ही यह रोजगार का भी सबसे बड़ा माध्यम है। इसलिए ऐसे उद्यमों को प्रोत्साहन देने की जरूरत है ताकि अधिक युवा जुड़ सकें।


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