नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत सभी शिशु ऋण खातों पर 12 माह की अवधि के लिए दो प्रतिशत ब्याज सब्सिडी को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। योजना उन लोगों को प्रोत्साहित करेगी, जो ऋण की नियमित अदायगी करेंगे। पचास हजार रुपये तक के लोन शिशु ऋण की श्रेणी में आते हैं।
योजना की अनुमानित लागत लगभग 1542 करोड़ रुपये है। योजना उन ऋण के लिए मान्य होगी जो 31 मार्च 2020 को एवं योजना की परिचालन अवधि के दौरान एनपीए श्रेणी में नहीं थे। ब्याज सब्सिडी उन महीनों के लिए देय होगी, जिनमें खाते एनपीए की श्रेणी में नहीं आते हैं। इनमें वे महीने भी शामिल हैं, जिनमें खाते एनपीए बनने के बाद फिर से निष्पादित परिसंपत्ति बन जाते हैं।