पटना/सबौर। 20 जिलों के 5000 से अधिक किसानों ने अपनी परेशानी कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार को बतायी। किसानों की बात, कृषि मंत्री के साथ कार्यक्रम में कृषि मंत्री ने सभी समस्याओं के निदान का आश्वासन दिया। उन्होंने कृषि, पशु एवं मत्स्यपालन के साथ आधुनिक फसल ड्रैगन फूड, स्ट्राॅबेरी एवं मशरूम की खेती करने वाले किसानों से बात की। उनके अनुभव एवं सुझावों को सुना। डाॅ प्रेम ने बताया कि खेत तक पानी पहुंचाने के लिए विशेष बिजली की दर तय की गई है। इस योजना का लाभ उठाएं।
कार्यक्रम में बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के अधीन संचालित सभी कृषि विज्ञान केंद्र जिलों के किसान वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग से शामिल हुए। किसानों को कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। इस अवसर पर कृषि विभाग के सचिव डाॅ एन. सरवण, बिहार कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ अजय कुमार सिंह एवं निदेशक प्रसार शिक्षा डाॅ आर.के. सोहाने ने भी अपने विचारों को रखा।
कृषि सचिव ने किसानों से कहा कि फसल अवशेष को नहीं जलाएं। इससे काफी नुकसान होता है। उन्होंने फसल अवशेष प्रबंधन से संबंधित यंत्रों पर अनुदान की जानकारी दी। यह भी बताया कि सुप्रीम कोर्ट एवं हरित न्यायाधिकरण की ओर से फसल अवशेष से पर्यावरण पर होने वाले नुकसान की समीक्षा की जा रही है।