नई दिल्ली। केंद्रीय पेट्रो रसायन इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी संस्थान (सिपेट) शीघ्र भागलपुर (बिहार) और वाराणसी (उत्तर प्रदेश) में कौशल विकास और तकनीकि प्रशिक्षण के लिए सीएसटीएस केंद्र खोलेगा। सिपेट रसायन और उर्वरक मंत्रालय के अधीन है।
सचिव आर.के. चतुर्वेदी ने बताया कि इन केंद्रों में पेट्रोरसायन और उससे जुड़े अन्य उद्योगों में रोजगार के लिए प्रत्येेक साल 1000 युवाओं को डिप्लोमा का प्रशिक्षण मिलेगा। इन केंद्रों से मिली तकनीकी सहायता उद्योगों के विकास के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में काम करेगी।
पॉलिमर और संबद्ध उद्योगों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए देश में वर्तमान में सिपेट के 43 केंद्र काम कर रहे हैं। नौ केंद्र खुलने की प्रक्रिया में हैं। सिपेट से अबतक एक लाख से अधिक छात्र प्रशिक्षण लेकर निकल चुके हैं। इनमें से कई अपने कौशल की बदौलत दुनिया के विभिन्न हिस्सों में ऊंचे पदों पर कार्यरत हैं।