पटना। केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का दीघा के जनार्दन घाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पुत्र चिराग पासवान ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में चिराग की मां रीना पासवान, परिवार के लोग, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, अश्विनी चौबे, गिरिराज सिंह, नित्यानंद राय, डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी, मंत्री मंगल पांडेय, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, सांसद पशुपति कुमार पारस समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

अंतिम यात्रा केंद्रीय मंत्री के एसके पुरी स्थित आवास से निकली। इस यात्रा में उनके प्रशंसकों का हुजूम उमड़ पड़ा। हर आंख नम थी। दीघा घाट पर भी समर्थकों की भारी भीड़ जमा हो गई। उन्हें नियंत्रित करने के लिए जवानों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। सुबह हाजीपुर से बड़ी संख्या में लोग एसके पुरी स्थित आवास पहुंच गए। वे रामविलास पासवान के पार्थिव शरीर को थोड़ी देर के लिए हाजीपुर ले जाना चाहते थे। मना करने पर वे रोने लगे। इसकी वजह उनका हाजीपुर से लगाव था।
शुक्रवार (नौ अक्टूबर) को पार्थिव शरीर को दिल्ली से पटना लाया गया। एयरपोर्ट, विधानसभा परिसर एवं लोजपा कार्यालय में रखे गये पार्थिव शरीर पर कई नेताओं ने श्रद्धांजलि दी। लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के संस्थापक 74 वर्षीय रामविलास पासवान का निधन आठ अक्टूबर को दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में हो गया था। वे कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। तीन अक्टूबर को उनके हार्ट की सर्जरी हुई थी।