नई दिल्ली। इस्पात मंत्रालय भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के साथ मिलकर 20 अक्टूबर को एक वेबिनार का आयोजन करेगा। वेबिनार का विषय ‘आत्मनिर्भर भारत : ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि, डेयरी एवं खाद्य प्रसंस्करण में इस्पात के इस्तेमाल को प्रोत्साहन‘ है। पेट्रोलियम एवं इस्पात मामलों के मंत्री धर्मेंद्र प्रधान वेबिनार के विशिष्ट अतिथि होंगे। ग्रामीण विकास, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी शिरकत करेंगे।
वेबिनार में स्टील उत्पादों को हासिल करने में आ रही चुनौतियां, देश में मौजूदा इस्पात मांग को पूरा करने में भारतीय लौह एवं इस्पात उद्योग की क्षमता, भविष्य की विस्तार योजना, विनिर्माण एवं नए उत्पादों के विकास के लिए शोध एवं अनुसंधान क्षमता को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर विचार किया जाएगा। वेबिनार में केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय एवं राज्यों के सचिव और महत्वपूर्ण ग्रामीण विकास एजेसिंयों के प्रतिनिधि अपने विचारों को रखेंगे।
विश्व में इस्पात का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश होने के बावजूद भारत की वार्षिक प्रति व्यक्ति इस्पात खपत मात्र 74.1 किलोग्राम है। यह वैश्विक औसत 224.5 किलोग्राम का मात्र एक तिहाई है। देश के शहरी क्षेत्रों में इस्पात का इस्तेमाल अधिक हो रहा है जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह बहुत ही कम देखा गया है।