पटना। बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के सभी प्लास्टिक उद्यमियों के लिए 15 दिनों के अंदर निबंधन लेने अन्यथा उद्योगों को बंद करने की कार्रवाई पर बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने चिंता व्यक्त की है। साथ ही सरकार से हस्तक्षेप का अनुरोध किया है।
बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली 2016 के तहत एक विज्ञापन जारी किया है। विज्ञापन में कहा गया है कि अपशिष्ट प्लास्टिक को रिसाईकिल कर अन्य उत्पाद बनानेवाले उद्योगों को 15 दिनों के अंदर निबंधन कराना होगा। अन्यथा उद्योगों को बंद करने की कार्रवाई एवं उनसे पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति की वसूली की जाएगी।
चैंबर ने कहा है कि बिहार में जो भी उद्योग हैं वे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम श्रेणी के हैं। इनमें भी अधिकतर सूक्ष्म एवं लघु श्रेणी के हैं। ऐसे उद्योग केवल एक ही व्यक्ति द्वारा चलाया जाता है जो इन सब प्रावधानों से अनभिज्ञ हैं। ऐसी परिस्थिति में दंडात्मक प्रक्रिया अपनाने से पहले पर्षद को बिहार में कार्यरत सभी उद्यमियों के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना चाहिए। विज्ञापन में बताए गए आदेश के अनुसार इस तरह के सभी उद्योग बंद हो जाएंगे ।
चैंबर ने इस सबंध में मुख्यमंत्री, डिप्टी सीएम, प्रधान सचिव (पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग), बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अध्यक्ष एवं सदस्यों से प्रभावित इकाईयों को बंद होने से बचाने का अनुरोध किया है।